Meaning of

ह़क़

haq • حق

अधिकार; सत्य; न्याय

right; truth; justice

حق; سچ; انصاف

Arabic

ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं — Rahat Indori
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे — Rahat Indori
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो — Jaun Elia
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है — Mirza Ghalib
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था — Tehzeeb Hafi
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है — Shabeena Adeeb

'ह़क़' अपने मूल में अधिकार और सत्य का गहरा अर्थ रखता है। यह न्याय और नैतिकता का प्रतीक है जो मानव क्रियाओं को दिशा देता है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर सत्य की खोज और न्याय के संघर्ष का प्रतीक बन जाता है।

'ह़क़' का उपयोग कवि अक्सर न्याय और नैतिकता के विषयों को उभारने के लिए करते हैं। यह सामाजिक मानदंडों पर प्रश्न उठाने और सत्य और असत्य के बीच के शाश्वत संघर्ष को उजागर करने के लिए किया जाता है। यह शब्द न्याय की खोज में दबे-कुचले लोगों की आवाज़ के साथ गूंजता है।

'ह़क़' काव्य क्षेत्र में सत्य और न्याय का प्रकाशस्तंभ है। यह अंतरात्मा को जागृत कर सही की खोज करने का आह्वान करता है।