Meaning of

हाल-ए-ग़म

haal-e-gham • حال غم

दुःख की स्थिति; शोक की अवस्था

state of sorrow; condition of grief

غم کی حالت; افسردگی کی کیفیت

Persian

फ़िलहाल ग़म-ज़दा हैं तो मुमकिन नहीं हँसें फ़ुर्सत मिलेगी ग़म से तो कोशिश करेंगे हम — Shajar Abbas
जुदाई का है ये पल एक लम्हा भर का बस प हम भी हाल-ए-ग़म-ए-जाम-ए-इश्क़ कहते नहीं — Mandvi Verma
मैं उन को हाल-ए-ग़म अपना सुना देता मगर "राक़िम" मोहब्बत करने वाले फिर मोहब्बत कर नहीं पाते — Hasan Raqim
बर्ग-ए-ख़िज़ाँ हो ही रही रुत आने जाने के लिए शाख़-ए-निहाल-ए-ग़म हरी होगी ज़माने के लिए — Manohar Shimpi

'हाल-ए-ग़म' उस गहन दुःख की स्थिति को दर्शाता है जो दिल को घेर लेती है। कविता में, यह केवल उदासी के बारे में नहीं है, बल्कि उस भावना की गहराई के बारे में है जो हानि या लालसा के साथ आती है। यह मानव स्थिति को संबोधित करता है, जहाँ दुःख एक साथी बन जाता है।

कवि 'हाल-ए-ग़म' का उपयोग दुःख की गहराई में उतरने के लिए करते हैं, अक्सर इसे मानव अनुभव का अविभाज्य हिस्सा मानते हैं। यह खोए हुए प्रेम, अधूरी इच्छाओं या समय के बीतने पर एक चिंतन हो सकता है।

कविता में, 'हाल-ए-ग़म' आत्मा के गहरे दुःखों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है, जो सहानुभूति और आत्मनिरीक्षण को आमंत्रित करता है।