Meaning of

हाफ़िद

haafid • حافظ

संरक्षक; क़ुरान के हाफ़िज़

guardian; memorizer of the Quran

نگہبان; قرآن کے حافظ

Arabic

ये कहते हो तिरे जाने से दिल को चैन आएगा तो जाता हूँ, ख़ुदा हाफ़िज़! मगर तुम झूठ कहते हो — Zubair Ali Tabish
आता है जो तूफ़ाँ आने दे कश्ती का ख़ुदा ख़ुद हाफ़िज़ है मुमकिन है कि उठती लहरों में बहता हुआ साहिल आ जाए — Behzad Lakhnavi
हाफ़िज़ों के बढ़ गए हैं देख लो रूबाब अब कुछ शराबियों ने भी कमा लिए सवाब अब — Amaan Pathan
याद-ए-माज़ी 'अज़ाब है या-रब छीन ले मुझ से हाफ़िज़ा मेरा — Akhtar Ansari
बस ये ख़्वाहिश है कि घर से निकलूँ और तुम खिड़की से आवाज़ दो अल्लाह हाफ़िज़ — Irshad Siddique "Shibu"
फिर एक रोज़ मुक़द्दर से हार मानी गई ज़बीन चूम के बोला गया "ख़ुदा हाफ़िज़" — Afkar Alvi
वैसे तो उस का नाम नहीं हाफ़िज़े में अब मुमकिन है रूबरू जो कभी हो, पुकार दूँ — Bhaskar Shukla
चल रहे हैं अभी ख़ुदा-हाफ़िज़ आएँगे फिर कभी ख़ुदा-हाफ़िज़ — Arohi Tripathi
ख़ुदा ने मुहाफ़िज़ बनाया है इनको सताएँ न फ़ूलों को, ख़ारों से कह दो — Rekhta Pataulvi

मूल रूप में, 'हाफ़िद' उस व्यक्ति को संदर्भित करता है जिसने क़ुरान को याद किया है, जो एक गहरी आध्यात्मिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कविता में, यह शब्द अक्सर सुरक्षा, आध्यात्मिक संरक्षकता और पवित्र ज्ञान के भार के विषयों को उजागर करता है।

'हाफ़िद' का उपयोग कवि आध्यात्मिक कर्तव्य और ज्ञान के बोझ के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सांसारिक गतिविधियों के विपरीत, पवित्रता को सांसारिकता से ऊपर रखता है।

हाफ़िद दिव्य शब्दों को संरक्षित करने के पवित्र कर्तव्य को दर्शाता है, एक ऐसा विषय जो काव्य आत्मा के भीतर गहराई से गूंजता है।