Meaning of

हिक़ारत

hiqaarat • حقارت

तिरस्कार; अवमानना

contempt; disdain

حقارت; نفرت

Arabic

हम तो हिक़ारतें भी गुलिस्ताँ से लाए थे और आपने तो प्यार भी फटकार कर दिया — Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
हिक़ारत से मिला एज़ाज़ हम ठोकर पे रखते हैं मुहब्बत से कोई दे दे तो फिर ख़ैरात चलती है — Qadeer Asad

'हिक़ारत' शब्द एक भारी भावनात्मक भार वहन करता है, जो अक्सर तिरस्कार और अवमानना की भावनाओं से जुड़ा होता है। कविता में, यह अप्राप्त प्रेम की कड़वाहट या समाज के कठोर निर्णय को व्यक्त कर सकता है।

कवि 'हिक़ारत' का उपयोग अस्वीकृति और सामाजिक निर्णय की थीम को खोजने के लिए करते हैं। यह तिरस्कृत प्रेमी की आंतरिक उथल-पुथल या कठोरता से न्याय किए गए लोगों द्वारा महसूस की गई अलगाव को व्यक्त कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'हिक़ारत' आत्मा की गहरी भावनाओं का दर्पण है। यह निर्णय की प्रकृति और गलत समझे जाने के दर्द पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।