रक़ीबों की शरारत तुम को क्या मालूमहमारी हर मुसीबत तुम को क्या मालूमन देखो इन गरीबों को हिक़ारत सेकि आने वाली सूरत तुम को क्या मालूम— Meem Alif Shaz