Meaning of

हिकारत

hikaarat • حکارت

तिरस्कार; अवमानना

contempt; disdain

حقارت; نفرت

Arabic

हिक़ारत,से क्यूँ देखते हो, तवाइफ़ को भी बख़्श इज़्ज़त हवस-आश्ना मर्द का वो ग़लाज़त उठाती है साहब — A R Sahil "Aleeg"

हिकारत गहरे तिरस्कार या अवमानना की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर किसी ऐसी चीज़ या व्यक्ति की ओर निर्देशित होता है जिसे अयोग्य माना जाता है। कविता में, यह भावनात्मक उथल-पुथल और नैतिक निर्णय को दर्शाता है, विश्वासघात या अन्याय से उत्पन्न होने वाली कड़वाहट को पकड़ता है।

कवि हिकारत का उपयोग तिरस्कृत प्रेमी की कड़वाहट या सामाजिक गलतियों के खिलाफ नैतिक आक्रोश को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम और तिरस्कार के बीच के आंतरिक संघर्ष को भी उजागर कर सकता है।

हिकारत मानवीय भावनाओं के गहरे रंगों को प्रकट करता है। यह प्रेम और तिरस्कार के बीच की महीन रेखा की याद दिलाता है।