Meaning of

हिज्र-ओ-विसाल

hijr-o-visaal • ہجر و وصال

वियोग और मिलन; जुदाई और मिलाप

separation and union; parting and meeting

ہجر و وصال; جدائی اور ملاپ

Arabic

भीड़-ओ-अकेलपन में तमाशा नहीं किया हिज्र-ओ-विसाल को कभू रुसवा नहीं किया — Jatin Srivastava ' Aseer '
कहाँ के इश्क़-ओ-मोहब्बत किधर के हिज्र-ओ- विसाल अभी तो लोग तरसते हैं ज़िन्दगी के लिए — Zehra Nigaah

हिज्र-ओ-विसाल मानव संबंधों की द्वैतता को पकड़ता है, जुदाई और पुनर्मिलन के अनिवार्य उतार-चढ़ाव को। कविता में, यह प्रेम की खट्टे-मीठे प्रकृति को दर्शाता है, जहां तड़प और पूर्ति सह-अस्तित्व में होते हैं।

कवि 'हिज्र-ओ-विसाल' का उपयोग प्रेम की चक्रीय प्रकृति को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर अनुपस्थिति और उपस्थिति के बीच एक नृत्य के रूप में चित्रित किया जाता है, जो रोमांटिक अनुभवों की भावनात्मक गहराई को उजागर करता है।

हिज्र-ओ-विसाल प्रेम के स्थायी नृत्य का प्रमाण है, जहां हर जुदाई पुनर्मिलन का वादा करती है।