सब दे रहे हैं दिल मुझे अपना निकाल केदरअस्ल मैं ने शे'र कहे हैं कमाल केअब आप सोच लीजिए मजबूरियाँ मेरीहिज्र-ओ-विसाल तय करूँ सिक्का उछाल के— Tanoj Dadhich