Meaning of

हिर्स-ओ-हवस

hirs-o-havas • دہاں

लालच और इच्छा; वासना

greed and desire; lust

لالچ اور خواہش; ہوس

Arabic

अना हिर्स-ओ-हवस नफ़रत दुखी रखते हैं मुझ को गर नहीं समझा हूँ मैं फिर अपने ही ग़म-ख़्वार की बातें — Manish Pithaya
अना हिर्स-ओ-हवस नफ़रत कभी सजने नहीं देंगे सजाया है अगर जीवन मोहब्बत ने सजाया है — Manish Pithaya

यह वाक्यांश मानव इच्छाओं की अतृप्त प्रकृति को पकड़ता है, जो अक्सर नैतिक और आध्यात्मिक संघर्षों की ओर ले जाती है। कविता में, यह भौतिक लालसा और आध्यात्मिक पूर्ति के बीच के संघर्ष को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग प्रलोभन और नैतिक पतन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर पवित्रता और सद्गुण के विपरीत होता है।

'हिर्स-ओ-हवस' की गहराइयों में, यह इच्छा और संयम के बीच के शाश्वत मानव संघर्ष को प्रकट करता है।