Meaning of

हुक़्म

hukm • حکم

आदेश; हुक्म; फ़रमान

command; order; decree

حکم; فرمان

Arabic

बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँँ कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर — Allama Iqbal
किसी ने ख़्वाब में आ कर मुझे ये हुक्म दिया तुम अपने अश्क भी भेजा करो दु'आओं के साथ — Afzal Khan
तुम लड़की हो या फिर जादूगरनी क्यूँँ मेरे दिल पे हुक्म चलाती हो — ALI ZUHRI
जैसे तू हुक्म करे दिल मिरा वैसे धड़के ये घड़ी तेरे इशारों से मिला रक्खी है — Anwar Masood
दो घड़ी को पास आया था कोई दिल पे बरसों हुक्मरानी कर गया — Subhan Asad
यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें — Allama Iqbal
तुम ने तो हुक्म-ए-तर्क-ए-तमन्ना सुना दिया किस दिल से आह तर्क-ए-तमन्ना करे कोई — Asrar Ul Haq Majaz

'हुक़्म' अपने मूल अर्थ में अधिकार और नियंत्रण का भाव रखता है, एक ऐसा शब्द जो निर्णय और शक्ति का भार वहन करता है। कविता में, यह अक्सर अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर भाग्य और नियति को संचालित करने वाली अदृश्य शक्तियों का प्रतीक बन जाता है।

कवि 'हुक़्म' का उपयोग भाग्य और ईश्वरीय इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह भाग्य की अनिवार्यता या प्रिय की इच्छा की आदेशात्मक उपस्थिति को प्रकट कर सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'हुक़्म' नश्वर और दिव्य के बीच एक पुल बन जाता है, हमारे जीवन को आकार देने वाली अदृश्य शक्तियों का प्रमाण।