Meaning of

हौसला-अफ़जाई

hausla-afzaai • حوصلہ افزائی

प्रोत्साहन; प्रेरणा

encouragement; motivation

حوصلہ افزائی; تحریک

Persian

ख़ुद ही अपनी हौसला-अफ़ज़ाई की
इतनी आदत पड़ गई तन्हाई की

शाने पे सर रख के रोई किस के तुम
कौन था जिस ने मिरी भरपाई की

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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में

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ख़ुद ही अपनी हौसला-अफ़ज़ाई की
इतनी आदत पड़ गई तन्हाई की

शाने पे सर रख के रोई किस के तुम
कौन था जिस ने मिरी भरपाई की

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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में

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मूल रूप से, यह किसी के मनोबल को बढ़ाने की क्रिया को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर आशा और दृढ़ता की ओर एक कोमल धक्का, संदेह के क्षणों में शक्ति की फुसफुसाहट के रूप में प्रकट होता है।

कवि इसे आंतरिक शक्ति की भावना को जागृत करने के लिए उपयोग करते हैं। यह निराशा के विपरीत, प्रकाश की एक किरण प्रदान करता है। अक्सर दृढ़ता और आशा के विषयों के साथ जोड़ा जाता है।

हौसला-अफ़जाई प्रोत्साहन की शक्ति की एक कोमल याद दिलाती है। यह दिल की क्षमता को उठाने और प्रेरित करने की बात करता है।