Meaning of

ख़ुद-कुशी

khud-kushi • خودکشی

आत्महत्या; आत्म-विनाश

suicide; self-destruction

خودکشی; خود تباہی

Persian

भूले हैं रफ़्ता रफ़्ता उन्हें मुद्दतों में हम क़िस्तों में ख़ुद-कुशी का मज़ा हम से पूछिए — Khumar Barabankvi
हमारा मसअला है जो हमी ने हार जाना है हमारी खुद-कुशी में ज़िन्दगी ने हार जाना है — Nawaaz
ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है — Ibrat Siddiqui
अपनी नज़रों में गिर चुका हूँ मैं ये तरीक़ा भी ख़ुद-कुशी का था — Bhavesh Pathak
इरादा तो नहीं है ख़ुद-कुशी का मगर मैं ज़िंदगी से ख़ुश नहीं हूँ — Vikas Sharma Raaz
कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया उदासी की मेहनत ठिकाने लगी — Adil Mansuri
ख़ुद-कुशी के लिए थोड़ा सा ये काफ़ी है मगर ज़िंदा रहने को बहुत ज़हर पिया जाता है — Azhar Inayati
ये ज़िंदगी जो पुकारे तो शक सा होता है कहीं अभी तो मुझे ख़ुद-कुशी नहीं करनी — Swapnil Tiwari
ख़ुद-कुशी करने में भी नाकाम रह जाते हैं हम कौन अमृत घोल देता है हमारे ज़हर में — Anjum Ludhianvi

‘ख़ुद-कुशी’ शब्द गहरे निराशा और अंतिमता का भाव जगाता है। इसका शाब्दिक अर्थ आत्महत्या है, जो गहरे दुःख या निराशा से उत्पन्न निर्णय है। कविता में यह शब्द मानवीय पीड़ा और मुक्ति की खोज के भावनात्मक उथल-पुथल को दर्शाता है।

कवि अक्सर ‘ख़ुद-कुशी’ का उपयोग निराशा और मानवीय स्थिति के विषयों को खोजने के लिए करते हैं। यह पीड़ा से अंतिम मुक्ति या जीवन के संघर्षों के दुखद अंत का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द आशा और दृढ़ता के विषयों के विपरीत है, जो मानवीय आत्मा की नाजुकता को उजागर करता है।

कविता में ‘ख़ुद-कुशी’ जीवन के निराशा और आशा के बीच के नाजुक संतुलन की मार्मिक याद दिलाती है। यह विपत्ति के सामने किए गए हमारे निर्णयों पर चिंतन का आमंत्रण देती है।