Meaning of

ग़ौर

gaur • غور

ध्यान; विचार; चिंतन

attention; consideration; reflection

غور; توجہ; تفکر

Arabic

क्या सितम है कि अब तिरी सूरत ग़ौर करने पे याद आती है — Jaun Elia
मैं ने तो यूँँही राख में फेरी थीं उँगलियाँ देखा जो ग़ौर से तिरी तस्वीर बन गई — Saleem Betab
किसी ने मुझ से कह दिया था ज़िंदगी पे ग़ौर कर मैं शाख़ पर खिला हुआ गुलाब देखता रहा — Afzaal Firdaus
हाल ये है कि अपनी हालत पर ग़ौर करने से बच रहा हूँ मैं — Jaun Elia
उस की आँखों को कभी ग़ौर से देखा है ‘फ़राज़' रोने वालों की तरह जागने वालों जैसी — Ahmad Faraz
अब तो बीमार-ए-मोहब्बत तेरे क़ाबिल-ए-ग़ौर हुए जाते हैं — Dagh Dehlvi
माँ के क़दमों के निशाँ हैं कि दिए रौशन हैं ग़ौर से देख यहीं पर कहीं जन्नत होगी — Rahat Indori
मेरी बातों पे आप थोड़ा भी ग़ौर करते तो बात बन जाती — Pravin Rai

'ग़ौर' शब्द में विस्तार और अर्थ पर गहन, चिंतनशील ध्यान का संकेत है। कविता में यह अक्सर मन की आत्मनिरीक्षण यात्रा का प्रतिनिधित्व करता है, जीवन की जटिलताओं और अस्तित्व की सूक्ष्म बारीकियों पर विचार करता है।

कवि 'ग़ौर' का उपयोग पाठकों को चिंतन और ध्यान के स्थान में आमंत्रित करने के लिए करते हैं। यह अंतर्दृष्टि के शांत क्षणों या गहन विचार से उभरने वाली गहरी समझ का प्रतीक हो सकता है।

कविता में 'ग़ौर' आत्मा के शांत चिंतन को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।