Meaning of

फ़ज़ा

fazaa • فضا

वातावरण; माहौल; परिवेश

atmosphere; ambiance; environment

فضا; ماحول; ماحولیات

Arabic

फागुन की ये फ़िज़ाऐं तुम बिन हैं रूखी-रूखी तुम बिन कहो कि मोहन कैसे मनायें होली — Akash Rajpoot
लम्हे उदास उदास फ़ज़ाएं घुटी घुटी दुनिया अगर यही है तो दुनिया से बच के चल — Shakeel Badayuni
बिखर के फूल फ़ज़ाओं में बास छोड़ गया तमाम रंग यहीं आस-पास छोड़ गया — Aanis Moin
न होकर कहीं इन निगाहों में हो तुम हो ख़ुशबू चमन की फ़िज़ाओं में हो तुम — Alankrat Srivastava
नए दश्त में नया शहर अब तो बसाया जाए नए आसरे की फ़ज़ा में ग़म को भुलाया जाए — arjun chamoli
जब मोहब्बत भर हवा में आँख ये लिखने लगी नम हुई पूरी फ़िज़ा और तुम मुझे दिखने लगी — Divya 'Kumar Sahab'
ये जिस्म तंग है सीने में भी लहू कम है दिल अब वो फूल है जिस में कि रंग-ओ-बू कम है — Pallav Mishra
परिंदे दूर फ़ज़ाओं में खो गए 'अल्वी' उजाड़ उजाड़ दरख़्तों पे आशियाने थे — Mohammad Alvi
नहीं इस खुली फ़ज़ा में कोई गोशा-ए-फ़राग़त ये जहाँ अजब जहाँ है न क़फ़स न आशियाना — Allama Iqbal
फ़ज़ा में घुल गए तन्हा उदासी के वो सन्नाटे मुझे लगता है रुख़्सत हो गए वो शहर से फिर से — arjun chamoli

मूल रूप से, 'फ़ज़ा' भौतिक वातावरण या परिवेश को संदर्भित करता है। कविता में, यह भावनात्मक और आध्यात्मिक माहौल को भी समेटे हुए है, जो अक्सर व्यक्तियों की आंतरिक स्थिति को दर्शाता है।

कवि 'फ़ज़ा' का उपयोग दृश्य के मूड या कथा के भावनात्मक माहौल को जगाने के लिए करते हैं। यह संदर्भ के अनुसार शांति या उथल-पुथल का सुझाव दे सकता है।

'फ़ज़ा' अस्तित्व की अदृश्य परतों को समेटे हुए है, जहाँ भावनाएँ और वातावरण आपस में मिलते हैं।