Meaning of

फ़ज़ीहत

fazeehat • فضیحت

अपमान; अपमानजनक स्थिति; शर्मिंदगी

disgrace; humiliation; embarrassment

فضیحت; رسوائی; شرمندگی

Arabic

न जीने का सुकूँ है न मरने की इजाज़त है यार ज़िन्दगी भी न जाने कैसी फ़ज़ीहत है — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
इक बाप ने ख़ुद की फ़ज़ीहत की तब जाके ही अपनी वसीयत की — Manoj Devdutt

फ़ज़ीहत सार्वजनिक शर्म या अपमान की गहरी भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर उजागर होने की असुरक्षा, सामाजिक निर्णय की चुभन, या अपमान की व्यक्तिगत उथल-पुथल को दर्शाता है।

कवि 'फ़ज़ीहत' का उपयोग शर्म और सम्मान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अनुग्रह से पतन या मोचन के संघर्ष को दर्शा सकता है। यह गर्व के विपरीत प्रतिष्ठा की नाजुकता को उजागर करता है।

फ़ज़ीहत हमें सम्मान और शर्म के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है, हमारे सामाजिक मूल्यों का एक दर्पण।