Meaning of

आहू

aahu • آہو

हिरण; मृग; सुंदरता का प्रतीक

gazelle; deer; symbol of beauty

ہرن; غزال; حسن کی علامت

Persian

काश अगले जनम में तू चाहे मुझे
और तब चाहूँगा मैं किसी और को

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अगर कुछ भी हो सकता दुनिया में तो फिर
मैं बस चाहूँगा के तुम मेरे हो जाओ

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मैं ने चाहा है तुम को और चाहूँगा
न देखो इस तरह मैं छूट जाऊँगा

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इस ह्रदय की आहुति दी रौशनी के वास्ते
ज़िंदगी का दाव खेला ज़िंदगी के वास्ते

ये ज़माना बोलता था दोस्तों को मतलबी
हम ज़माना छोड़ आए दोस्ती के वास्ते

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क्षमा याचना का कहाँ दान है अब
फ़क़त एक धन का बहुत मान है अब

न गरिमा न ईमान का मोल है कुछ
यहाँ बाहुबल की ही पहचान है अब

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जान-ए-मन तुझ सेे मोहब्बत है मोहब्बत की क़सम
राँझा-ओ-क़ैस की फ़रहाद की चाहत की क़सम

ख़ुद से बढ़कर तुझे चाहा था तुझे चाहूँगा
ऐ मेरी जान तेरी इज़्ज़त-ओ-अज़मत की क़सम

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बनाऊँगा मैं ख़ुद को तब तू चाहेगी
क़सम तेरी तुझे तब मैं न चाहूँगा

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साधना का यज्ञ ये है
आहुती दूँ ज़िंदगी की

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तुझे यक़ीन न होगा मैं इतना चाहूँगा
तेरे बग़ैर है जीना तो क्या जी पाऊँगा

क़लम उठाई है मैं ने बहुत दिनों के बा'द
अगर लिखूँगा तो ख़ुद को मैं मार डालूँगा

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मैं चाहूँगा दर्द ये मेरे साथ रहे हर दम
तुम पर ही अपनी बेटी का नाम रखूँगा मैं

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काश अगले जनम में तू चाहे मुझे
और तब चाहूँगा मैं किसी और को

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अगर कुछ भी हो सकता दुनिया में तो फिर
मैं बस चाहूँगा के तुम मेरे हो जाओ

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अपने मूल अर्थ में, 'आहू' एक सुंदर और तेज़ प्राणी को संदर्भित करता है। कविता में, यह सुंदरता की नाजुक और क्षणभंगुर प्रकृति को दर्शाता है, अक्सर एक अप्राप्य या मायावी प्रेम का प्रतीक होता है।

कवि अक्सर 'आहू' का उपयोग प्रिय की आँखों या चाल को वर्णित करने के लिए करते हैं, प्रिय की कृपा और हिरण की सुंदरता के बीच समानता खींचते हैं। यह एक अधूरी चाहत या अधूरी इच्छा का भी संकेत दे सकता है।

आहू क्षणभंगुर सुंदरता और उससे प्रेरित लालसा को पकड़ता है। यह काव्य अभिव्यक्तियों में एक कालातीत प्रतीक बना रहता है।