Meaning of

आरजू

aarjoo • آرزو

इच्छा; अभिलाषा

desire; wish

خواہش; آرزو

Persian

कटती है आरज़ू के सहारे पे ज़िंदगी
कैसे कहूँ किसी की तमन्ना न चाहिए

39

Download Image

तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी
कुछ अपना हाल सँभालूँ अगर इजाज़त हो

62

Download Image

मैं सो रहा हूँ तेरे ख़्वाब देखने के लिए
ये आरज़ू है कि आँखों में रात रह जाए

61

Download Image

भरे हुए जाम पर सुराही का सर झुका तो बुरा लगेगा
जिसे तेरी आरज़ू नहीं तू उसे मिला तो बुरा लगेगा

ये आख़िरी कंपकंपाता जुमला कि इस तअ'ल्लुक़ को ख़त्म कर दो
बड़े जतन से कहा है उस ने नहीं किया तो बुरा लगेगा

61

Download Image

उम्र-ए-दराज़ माँग के लाई थी चार दिन
दो आरज़ू में कट गए दो इंतिज़ार में

60

Download Image

न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की

59

Download Image

अश्कों को आरज़ू-ए-रिहाई है रोइए
आँखों की अब इसी में भलाई है रोइए

53

Download Image

नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तुजू ही सही
नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही

52

Download Image

मिरी आरज़ू का हासिल तिरे लब की मुस्कुराहट
हैं क़ुबूल मुझ को सब ग़म तिरी इक ख़ुशी के बदले

45

Download Image

नहीं निगाह में मंज़िल, तो जुस्तजू ही सही
नहीं विसाल मुयस्सर तो आरज़ू ही सही

42

Download Image

कटती है आरज़ू के सहारे पे ज़िंदगी
कैसे कहूँ किसी की तमन्ना न चाहिए

39

Download Image

तुम्हारी याद में जीने की आरज़ू है अभी
कुछ अपना हाल सँभालूँ अगर इजाज़त हो

62

Download Image

'आरजू' लालसा और आकांक्षा के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर दिल की गहरी इच्छाओं का प्रतीक होता है, जो आशा और लालसा दोनों को दर्शाता है।

कवि 'आरजू' का उपयोग आत्मा की अधूरी इच्छाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक ऐसा शब्द है जो लालसा की सुंदरता और दर्द दोनों को व्यक्त करता है, अक्सर प्रेम और भाग्य के विषयों के साथ जुड़ा होता है।

कविता की बुनावट में, 'आरजू' आशा और लालसा के धागों को बुनता है। यह उन सपनों की कोमल याद दिलाता है जो दिल को झकझोरते हैं।