Meaning of

अहल-ए-हरम

ahl-e-haram • بغل

पवित्र स्थान के लोग; भक्त

people of the sanctuary; devotees

حرم کے لوگ; عقیدت مند

Arabic

यहीं पर बग़ल में हो लेकिन
बहुत दूर बैठे हो मुझ सेे

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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ
तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है

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तू याद आई और मैं कल देर तक रोया
तस्वीर तेरी रख के बग़ल देर तक रोया

आंगन जहाँ पे खेल के बचपन बिताया था
घर अपना वो पुराना बदल देर तक रोया

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उन के बगल होते हुए उन की कमी सहते रहे
हम क्या हुआ कहते रहे वो कुछ नहीं कहते रहे

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बगल हट कर ज़रा दिल से निकल जा रौनक
उसे तू बोलने दे बे-ख़लल जा रौनक

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इक तेरी तस्वीर बगल में रख कर के
सारी उम्र बितानी है अब जानेमन

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यहीं पर बग़ल में हो लेकिन
बहुत दूर बैठे हो मुझ सेे

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किताबें बंद कर के जब मैं बिस्तर पर पहुँचता हूँ
तुम्हारी याद भी आ कर बगल में लेट जाती है

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अपने मूल अर्थ में, 'अहल-ए-हरम' उन लोगों को संदर्भित करता है जो किसी पवित्र स्थान से जुड़े होते हैं, अक्सर एक गहरी आध्यात्मिक संबंध का संकेत देते हैं। कविता में, यह शब्द भक्ति, पवित्रता और स्वयं से बड़े किसी चीज़ से जुड़ाव की छवियाँ उत्पन्न करता है।

कवि अक्सर 'अहल-ए-हरम' का उपयोग आध्यात्मिक लालसा और भक्ति के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक इच्छाओं के विपरीत है, जो पवित्रता और ज्ञान की ओर यात्रा को उजागर करता है।

अहल-ए-हरम दिव्य के लिए आत्मा की खोज को मूर्त रूप देता है। यह सांसारिक में पवित्र की याद दिलाता है।