Meaning of

ऐ-दोस्त

ai-dost • اے دوست

हे मित्र; प्रिय साथी

O friend; dear companion

اے دوست; عزیز ساتھی

Persian

कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त
तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने

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हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं
तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं

तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त
डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं

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कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया

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आ कि तुझ बिन इस तरह ऐ दोस्त घबराता हूँ मैं
जैसे हर शय में किसी शय की कमी पाता हूँ मैं

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दोस्ती आम है लेकिन ऐ दोस्त
दोस्त मिलता है बड़ी मुश्किल से

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इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
क्यूँँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ

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ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त
वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में

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पा ए उम्मीद प रक्खे हुए सर हैं हम लोग
हैं न होने के बराबर ही मगर हैं हम लोग

तू ने बरता ही नहीं ठीक से हम को ऐ दोस्त
ऐब लगते हैं ब-ज़ाहिर प हुनर हैं हम लोग

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ज़रा विसाल के बा'द आइना तो देख ऐ दोस्त
तिरे जमाल की दोशीज़गी निखर आई

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मोहब्बत कर रहे हैं हम मना करने पे भी सबके
कहीं ऐसा न हो ऐ दोस्त हम बर्बाद हो जाएँ

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कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त
तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने

21

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हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं
तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं

तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त
डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं

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'ऐ-दोस्त' वाक्यांश में एक गर्मजोशी और अंतरंगता होती है, जिसे अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति को संबोधित करने के लिए उपयोग किया जाता है जिसके साथ गहरा संबंध होता है। कविता में, यह एक प्रकार की लालसा या स्नेह को व्यक्त करता है, जो साथ बिताए गए अनुभवों की भावना को पकड़ता है।

अक्सर कविता की शुरुआत में उपयोग किया जाता है, जो अंतरंगता का स्वर सेट करता है। साझा क्षणों के लिए उदासीनता को प्रेरित करता है। अधिक औपचारिक संबोधनों के विपरीत, व्यक्तिगत संबंध को उजागर करता है।

एक सरल वाक्यांश जो दिल के दरवाजे खोलता है, 'ऐ-दोस्त' आत्माओं के बीच एक पुल है।