Meaning of

अजाँ

ajaan • اذاں

प्रार्थना का आह्वान; घोषणा

call to prayer; announcement

نماز کی اذان; اعلان

Arabic

मुहब्बत तेरी राहों में सताना ही मुक़द्दर है
ग़मों की महफ़िलों को यूँँ सजाना ही मुक़द्दर है

4

Download Image

मत बताना कि बिखर जाएँ तो क्या होता है
नईं नस्लों को नए ख़्वाब सजाने देना

79

Download Image

हाथ काँटों से कर लिए ज़ख़्मी
फूल बालों में इक सजाने को

36

Download Image

जो सुनते हैं कि तिरे शहर में दसहरा है
हम अपने घर में दिवाली सजाने लगते हैं

26

Download Image

अपने होंटों पर सजाना चाहता हूँ
आ तुझे मैं गुनगुनाना चाहता हूँ

25

Download Image

शे'र सुन कर न यूँँ तुम लजाना सनम
अपने बच्चों को इनको सुनाना सनम

रूठ जाऊँ मैं तुम से कभी भी अगर
आ के तुम, तालु में, गुदगुदाना सनम

8

Download Image

ऐसी लगती है तेरे चेहरे की ये झूठी हँसी
काग़ज़ी हो फूल ज्यूँ बस घर सजाने के लिए

7

Download Image

मुस्कुराने लगा हूँ तुम्हारे लिए
घर सजाने लगा हूँ तुम्हारे लिए

ऐब अपने तो सारे मिटा कर के मैं
गीत गाने लगा हूँ तुम्हारे लिए

7

Download Image

देख कर फैले हुए कमरे को ये सोचता हूँ
जाने कब आएगा कमरे को सजाने वाला

6

Download Image

तुम्हारे चेहरे को ऐसे सजाना चाहता हूँ मैं
तुम्हारी आँखों में काजल लगाना चाहता हूँ मैं

5

Download Image

मुहब्बत तेरी राहों में सताना ही मुक़द्दर है
ग़मों की महफ़िलों को यूँँ सजाना ही मुक़द्दर है

4

Download Image

मत बताना कि बिखर जाएँ तो क्या होता है
नईं नस्लों को नए ख़्वाब सजाने देना

79

Download Image

'अजाँ' प्रार्थना के आह्वान का प्रतीक है, एक आध्यात्मिक जागृति और चिंतन का क्षण। कविता में, यह अक्सर आत्मा के उच्चतर सत्य की ओर आह्वान का प्रतीक बन जाता है, सांसारिकता के बीच दिव्यता की याद दिलाता है।

कवि 'अजाँ' का उपयोग आध्यात्मिक यात्रा, अर्थ की खोज के आंतरिक आह्वान, या पवित्र और दैनिक जीवन के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण को व्यक्त करने के लिए करते हैं।

कविता में 'अजाँ' दिव्य आह्वान की गूंज है, आत्मनिरीक्षण और आध्यात्मिक सामंजस्य की ओर एक कोमल प्रेरणा।