Meaning of

अज़ार

azaar • ازار

दर्द; कष्ट; बीमारी

pain; distress; ailment

درد; تکلیف; بیماری

Arabic

चारों ओर हज़ारों रावण हर रावण के सर हैं दस
लेकिन याद रहे सब कुछ दो चार दिनों का खेल है बस

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

207

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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे
कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे

183

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वो आँखें बुझ चुकी होंगी नज़ारा हो चुका होगा
'अली' वो शख़्स अब दुनिया को प्यारा हो चुका होगा

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हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें
वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं

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हज़ारों मन्नतों पर भी कोई बोसा नहीं मिलता
किसी सूरत में उस कंजूस के बटुए नहीं खुलते

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हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं
जैसे बच्चे भरे बाज़ार में खो जाते हैं

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मिरे घर क्यूँँ ले आते हो गली बाज़ार की बातें
चिढ़ाती हैं मुझे झूठे बिके अख़बार की बातें

मुकरता है हमेशा तू किए वादे निभाने से
तेरे वादे तिरी क़स
में हुईं सरकार की बातें

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मुझे शराब पिलाई गई है आँखों से
मेरा नशा तो हज़ारों बरस में उतरेगा

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किसी से दूरी बनाई किसी के पास रहे
हज़ार कोशिशें कर लीं मगर, उदास रहे

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चारों ओर हज़ारों रावण हर रावण के सर हैं दस
लेकिन याद रहे सब कुछ दो चार दिनों का खेल है बस

47

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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

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'अज़ार' मूल रूप से शारीरिक या भावनात्मक दर्द को दर्शाता है। कविता में, यह गहरे अस्तित्वगत पीड़ा का प्रतीक बन जाता है, जो अक्सर मानव स्थिति के अंतर्निहित संघर्षों को दर्शाता है।

कवि 'अज़ार' का उपयोग लालसा, पीड़ा, और प्रेम के अनिवार्य दर्द के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर मानव भावनाओं की गहराइयों की खोज करने वाली कविताओं में प्रकट होता है।

'अज़ार' में, कविता दिल की मौन चीखों के लिए एक आवाज़ पाती है। यह एक ऐसा शब्द है जो पीड़ा के सार्वभौमिक अनुभव के साथ गूंजता है।