Meaning of

बर्ज़ख़

barzakh • وارث

अवरोध; विभाजन; सीमांत स्थान

barrier; partition; liminal space

رکاوٹ; تقسیم; حد فاصل

Arabic

मतलबी मानव दिखावट का करे परमार्थ जग में
छल कपट मन में भरा है देखता निज स्वार्थ जग में

कर रहा है आचरण का आकलन श्री राम से पर
हो नहीं सकता किसी का राम सा पुरुषार्थ जग में

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ये अलग ही बात यारों है कि लावारिस नहीं हम
नाम बस बदनाम करते मीर के वारिस नहीं हम

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सीखने हों इश्क़ के आदाब हम से सीखिए
हम से ज़िंदा है मोहब्बत वारिस-ए-मजनू हैं हम

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कलयुगी प्रेम वो जो टिका स्वार्थ पर,
प्रेम करना यहाँ तो स्वयं से करो

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लावारिस लाशों पर आख़िर कौन ही अश्क बहाता है
सबने इक तस्वीर उतारी फिर बिसरा कर चले गए

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सब सिद्ध नहीं होता स्वार्थ से साथ भी लेने पड़ते हैं
जैसे कागा के कोयल को बच्चे सेने पड़ते हैं

सब प्रश्नों के उत्तर देना‌ शब्दों में तो मुश्किल है
चुप रह कर भी कुछ प्रश्नों के उत्तर देने पड़ते हैं

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मतलबी मानव दिखावट का करे परमार्थ जग में
छल कपट मन में भरा है देखता निज स्वार्थ जग में

कर रहा है आचरण का आकलन श्री राम से पर
हो नहीं सकता किसी का राम सा पुरुषार्थ जग में

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ये अलग ही बात यारों है कि लावारिस नहीं हम
नाम बस बदनाम करते मीर के वारिस नहीं हम

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'बर्ज़ख़' एक ऐसा शब्द है जो सीमाओं के सार को पकड़ता है - न केवल भौतिक, बल्कि आध्यात्मिक भी। यह दुनियाओं के बीच की जगह है, सांसों के बीच का विराम, सुरों के बीच की खामोशी। कविता में, यह अज्ञात, अदृश्य, और अस्तित्व की अवस्थाओं के बीच के संक्रमण के लिए एक रूपक बन जाता है।

कवि 'बर्ज़ख़' का उपयोग संक्रमण और परिवर्तन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर उस स्थान के रूप में चित्रित किया जाता है जहां आत्मा जीवन और परलोक के बीच ठहरती है, या जहां सपने और वास्तविकता धुंधले हो जाते हैं।

बर्ज़ख़ हमें बीच की जगहों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है, हमें अस्तित्व के विरामों में अर्थ खोजने के लिए प्रेरित करता है।