
सब सिद्ध नहीं होता स्वार्थ से साथ भी लेने पड़ते हैं
जैसे कागा के कोयल को बच्चे सेने पड़ते हैं
सब प्रश्नों के उत्तर देना शब्दों में तो मुश्किल है
चुप रह कर भी कुछ प्रश्नों के उत्तर देने पड़ते हैं
— Nipun Yadav
Shers of rahbar.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling