@Raj_bootauliya
Kaviraj " Madhukar" shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kaviraj " Madhukar"'s shayari and don't forget to save your favorite ones.
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जब से उसने मुझ को छोड़ा तब से ही ये लगता है
खुशियाँ मुझ से दूर हुईं बस ग़म है मेरे हाथों में
इशारों पर उसी के मैं बहूँगा बस उसे कहना
उसे ही यार मैं अपना कहूँगा बस उसे कहना
किसी भी हाल में चाहत नहीं बदलूँगा मैं अपनी
हमेशा मैं उसी का ही रहूँगा बस उसे कहना
हमें था पूछना कैसे गुज़ारा कर रही हो तुम
तुम्हारा मन नहीं करता हमें मैसेज करने का
यही तो बस हक़ीक़त है समझती क्यों नहीं रिमझिम
मुझे तुम से मुहब्बत है समझती क्यों नहींं रिमझिम
ये दुनिया क्या मुझे कुछ भी मिले मैं छोड़ सकता हूँ
मुझे बस तेरी चाहत है समझती क्यों नहीं रिमझिम
वही जो दूर है हमसे उसी की ओर दिल जाए
कहो उसको कि आ जाए हमारे ज़ख़्म सिल जाए
हमारा क्या कि हमको तो ख़ुदी की अब नहीं चाहत
तुम्हें जिससे मुहब्बत है तुम्हें वो शख़्स मिल जाए
मिरा दिल तोड़कर ख़ुश हो कहो ये सच नहीं बिल्कुल
मुझे तुम छोड़कर ख़ुश हो कहो ये सच नहीं बिल्कुल
किसी भी हाल में तुमको जहाँ जाना नहीं था यार
वहाँ दिल जोड़कर ख़ुश हो कहो ये सच नहीं बिल्कुल
बहुत नाज़ुक मिरी हालत दुखों का यार मेला मैं
बताऊँ क्या उदासी को बहुत सरकार झेला मैं
मुझे तुम छोड़कर ख़ुश हो बहुत ख़ुश हो मगर सच में
सुनो रिमझिम तुम्हारे बिन अकेला हूँ अकेला मैं
उदासी को पकड़ लेता ख़ुशी को छोड़ देता मैं
मुझे गर तुम न मिलते तो ख़ुदी को छोड़ देता मैं
अभी भी ख़ास लोगों की कदर करनी नहीं सीखी
कि जो मेरा दिली होता उसी को छोड़ देता मैं
मुहब्बत से बना हो जो वही मौसम तुम्हें दे दें
हमारा बस चले तो ख़ुशनुमा आलम तुम्हें दे दें
उदासी ज़ख़्म आसूँ ग़म यही तो बस हमारे हैं
हमारे पास कुछ ऐसा नहीं जो हम तुम्हें दे दें
सितारों सा कि फूलों सा कि जगमग चाँद जैसा मैं
बताओ भी तुम्हें लगता हूँ मेरी जान कैसा मैं
निगाहें क़ातिलाना हैं नज़र है ख़ूबसूरत वो
वो लड़की आम सी लगती मगर है ख़ूबसूरत वो
वो रस्ता लाख बदतर हो मगर हम तो कहेंगे ये
कि वो जिस राह पर चलती डगर है ख़ूबसूरत वो
वही रस्ता वही गलियाँ वही सब है
नहीं बस वो कि जिससे यार मतलब है
मिली जो तुम न मुझको छोड़ दूॅंगा सब
मुझे कुछ और पाना ही नहीं अब है
बहुत आसान लगता है मुझे यूँ भूल जाना क्या
लगेगा इक ज़माना यूँ भुलाने में समझ लेना
मुझे तुम छोड़ दो बेशक मगर ये सोच कर प्यारे
नहीं मिल पाएगा मुझसा ज़माने में समझ लेना
किलों को जीतने का दम भले तलवार में है
दिलों को जीतने का दम मगर बस प्यार में है
तुम्हारा इश्क़ सब कुछ है तुम्हारी आस सब कुछ है
अगर तुम साथ हो मेरे तो मुझको रास सब कुछ है
कि तुमसे बात करता हूँ तो मुस्काता बहुत हूँ मैं
कि तुम जो पास रहते हो तो लगता पास सब कुछ है
जिसे मैं दिल समझता था वो पत्थर है मिरे भाई
हज़ारों कोशिशों के बाद भी बिल्कुल नहीं पिघला
वो बातें कर रहा लेकिन वही करता तग़ाफ़ुल भी
उसे चाहा जिसे पाना नहीं आसान बिल्कुल भी
न जाने क्यूँ बहुत मजबूर होता जा रहा हूँ मैं
जो अपना है उसी से दूर होता जा रहा हूँ मैं
तुम्हारे साथ था तो बात ही कुछ और थी मुझमें
तुम्हारे बिन बहुत बे-नूर होता जा रहा हूँ मैं