
निगाहें क़ातिलाना हैं नज़र है ख़ूब-सूरत वो
वो लड़की आम सी लगती मगर है ख़ूब-सूरत वो
वो रस्ता लाख बदतर हो मगर हम तो कहेंगे ये
कि वो जिस राह पर चलती डगर है ख़ूब-सूरत वो
— Kaviraj " Madhukar"
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