उदासी को पकड़ लेता ख़ुशी को छोड़ देता मैंमुझे गर तुम न मिलते तो ख़ुदी को छोड़ देता मैंअभी भी ख़ास लोगों की कदर करनी नहीं सीखीकि जो मेरा दिली होता उसी को छोड़ देता मैं— Kaviraj " Madhukar"