Meaning of

बेख़ुद

bekud • بےخود

मदहोश; परमानंद में खोया

intoxicated; lost in ecstasy

بے خود; سرور میں گم

Persian

दर्द, आँसू, बे-क़रारी, हिज्र, यादें, बेख़ुदी
कौन कहता है मोहब्बत में मिला कुछ भी नहीं

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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गैर की महफ़िल में इतनी बेख़ुदी अच्छी नहीं
लौटना हो घर को वापस तो मुसीबत मयकशी

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हो गए बेहोश बेख़ुद और बेसुध इश्क़ में
इस से ज़्यादा क्या डुबोयेगी हमें ये मयकशी

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इश्क़ हसरत बेख़ुदी का ये क़सीदा
पढ़ चला मसरूफ़ दिल आफ़त-रसीदा

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तंग आ चुके हैं अपनी ही बेकली से फिर हम
ठुकरा न दें कहीं ख़ुद को बेख़ुदी से फिर हम

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दर्द, आँसू, बे-क़रारी, हिज्र, यादें, बेख़ुदी
कौन कहता है मोहब्बत में मिला कुछ भी नहीं

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तज़ुर्बा ये हुआ है ज़िन्दगी में
न होता कोई अपना मुफ़लिसी में

ज़बाँ ज़ख़्मों को मेरे मिल गई है
उन्हें शामिल किया जब शा'इरी में

ग़ज़ब का दिल बनाया है ख़ुदा ने
छलक पड़ते हैं आँसू भी ख़ुशी में

ख़ुशी का एक लम्हा कीमती है
हज़ारों ग़म हैं लेकिन ज़िन्दगी में

बुरा हूँ मैं मुझे अच्छा कहा है
शराबी ने यक़ीनन बेख़ुदी में

मुझे हँसता हुआ देखा तो कहते वो
कोई तो बात है इस आदमी में

मेरे रब मुझ को ये तौफ़ीक़ दे दे
रहूँ हँसता सदा ग़म और ख़ुशी में

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मूल रूप से, 'बेख़ुद' का अर्थ है परमानंद या मदहोशी से अभिभूत होना, जहाँ आत्मा भुला दी जाती है। कविता में, यह प्रेम, कला, या आध्यात्मिक उत्थान में पाए जाने वाले आनंदमय विस्मरण को दर्शाता है।

कवि 'बेख़ुद' का उपयोग प्रेम में खो जाने की स्थिति, आध्यात्मिक अनुभवों के दिव्य परमानंद, या कला में पाए जाने वाले उत्थान को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर जागरूकता या संयम के विपरीत होता है।

कविता में 'बेख़ुद' उस आनंद का प्रतीक है जो सामान्य चेतना की सीमाओं से परे, दिव्यता में खो जाने से मिलता है।