Meaning of

बिछड़े

bichhde • بچھڑے

अलग हुए; बिछड़े; दूर हुए

separated; parted; estranged

الگ ہوئے; بچھڑے; دور ہوئے

Unknown

बिछड़े तो रख रखाव भी करना नहीं पड़ा
ताज़ा किसी को घाव भी करना नहीं पड़ा

बस देख कर ही उस को परिंदे उतर गए
उस को तो आओ आओ भी करना नहीं पड़ा

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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें

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इतना धीरे-धीरे रिश्ता ख़त्म हुआ
बहुत दिनों तक लगा नहीं हम बिछड़े हैं

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तलाश हम को किसी भी बदन की है ही नहीं
हवस की भूख हमारे ज़ेहन की है ही नहीं

किसी से बिछड़े तो कोई फ़ना नहीं होता
क़ज़ा की बात तो अब के ज़मन की है ही नहीं

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हम क़ाफ़िले से बिछड़े हुए हैं मगर 'नबील'
इक रास्ता अलग से निकाले हुए तो हैं

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रात बाक़ी थी जब वो बिछड़े थे
कट गई उम्र रात बाक़ी है

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आपसे बिछड़े तो ख़ुद को और बेहतर कर लिया
आँख दरिया कर न पाए दिल को पत्थर कर लिया

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मुद्दतें हो गईं बिछड़े हुए तुम से लेकिन
आज तक दिल से मिरे याद तुम्हारी न गई

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मुहब्बत कोई कितने दिन भुला के बैठ सकता है
बहुत दिन हो गए बिछड़े मुझे अब याद आते हो

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हम तो सुनते थे कि मिल जाते हैं बिछड़े हुए लोग
तू जो बिछड़ा है तो क्या वक़्त ने गर्दिश नहीं की

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बिछड़े तो रख रखाव भी करना नहीं पड़ा
ताज़ा किसी को घाव भी करना नहीं पड़ा

बस देख कर ही उस को परिंदे उतर गए
उस को तो आओ आओ भी करना नहीं पड़ा

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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें

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'बिछड़े' शब्द किसी प्रिय व्यक्ति या वस्तु से अलग हो जाने की भावना को जागृत करता है। कविता में, यह अक्सर अलगाव के दर्द और पुनर्मिलन की लालसा का प्रतीक होता है।

कवि 'बिछड़े' का उपयोग हानि और स्मृति के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर पिछले संबंधों की यादों और खोए हुए बंधनों को फिर से जोड़ने की आशा के साथ जोड़ा जाता है।

काव्यात्मक अभिव्यक्तियों में, 'बिछड़े' अलगाव के सार्वभौमिक अनुभव के साथ गूंजता है, जो हमें परिभाषित करने वाले बंधनों पर एक मार्मिक प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है।