बिछड़े तो रख रखाव भी करना नहीं पड़ा ताज़ा किसी को घाव भी करना नहीं पड़ाबस देख कर ही उस को परिंदे उतर गएउस को तो आओ आओ भी करना नहीं पड़ा— Azbar Safeer