Karan Sahar

Karan Sahar

@karansahar

Karan Sahar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Karan Sahar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

उस की निगाह-ए-नाज़ में आने के वास्ते मेहनत के साथ-साथ मुक़द्दर भी चाहिए — Karan Sahar
पहले तो इस हिज्र ने जम कर बारिश की फिर बारिश में मोर नचाया यादों ने — Karan Sahar
आधी रात गुज़रने को है कमरा ख़्वाब से भरने को है — Karan Sahar
वो मुझे ले गया गुलों के बीच और कहने लगा कि ऐसा बन — Karan Sahar
न रोए तो बहुत आँसू गिरेंगे मुझे ही देख लो भीगा पड़ा हूँ — Karan Sahar

Ghazal

खुल चुकी है आँख लेकिन मैं अभी सपने में हूँ पाँव सहरा में हैं मैं अब भी तेरे कमरे में हूँ फूल कहते हैं कि वो काँटों में भी महफ़ूज़ हैं और इक तितली है जो कहती है मैं ख़तरे में हूँ हिज्र का मौसम नहीं पर वस्ल भी हासिल कहाँ सामने बैठा है वो और मैं अभी ख़दशे में हूँ वक़्त बीता जा रहा है और मुसीबत सर पे है वो वहाँ बेसुध पड़ा है और मैं रस्ते में हूँ इक समुंदर कश्तियों को थाम कर बैठा रहा मौज इक कहती रही मैं वक़्त के कहने में हूँ तुम सहर कब से मुझे अपना सगा कहने लगे तुम तो कहते थे कि मैं इक दूर के रिश्ते में हूँ — Karan Sahar