लोग आए ही नहीं मुझ को मुयस्सर ऐसे
जो मुझे कहते कि ऐसे नहीं अज़बर ऐसे
तेज़ दौड़ा के अचानक मेरी रस्सी खींची
उस ने समझाया मुझे लगती है ठोकर ऐसे
कोई तो होता जो सीने से लगा कर कहता
बात थी बात को लेते नहीं दिल पर ऐसे
— Azbar Safeer
जो मुझे कहते कि ऐसे नहीं अज़बर ऐसे
तेज़ दौड़ा के अचानक मेरी रस्सी खींची
उस ने समझाया मुझे लगती है ठोकर ऐसे
कोई तो होता जो सीने से लगा कर कहता
बात थी बात को लेते नहीं दिल पर ऐसे
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