Meaning of

चाक-ए-जिगर

chaak-e-jigar • چاک جگر

दिल का घाव; भावनात्मक पीड़ा

wound of the heart; emotional pain

چاک جگر; جذباتی درد

Persian

'चाक-ए-जिगर' गहरे भावनात्मक कष्ट से फटे दिल की छवि को उभारता है। यह गहन प्रेम या हानि के साथ आने वाले कच्चे, आंतरिक दर्द को व्यक्त करता है, एक ऐसा घाव जो कभी भरता नहीं लगता।

कवि अक्सर 'चाक-ए-जिगर' का उपयोग अप्राप्त प्रेम की पीड़ा या वियोग के दुःख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दिल की मौन चीखों और भावनात्मक उथल-पुथल के स्थायी निशानों का रूपक है।

कविता में, 'चाक-ए-जिगर' दिल के गहरे घावों की मौन गवाही है।