Meaning of

चराग़-ए-जाँ

charaagh-e-jaan • چراغ جاں

जीवन का दीपक; अस्तित्व का सार

light of life; essence of being

زندگی کا چراغ; وجود کی روح

Persian

चराग़-ए-जाँ एक ऐसी रोशनी की छवि प्रस्तुत करता है जो व्यक्ति के अस्तित्व के मूल को प्रकाशित करती है। कविता में, यह अक्सर उस आंतरिक शक्ति या आत्मा का प्रतीक होता है जो जीवन को मार्गदर्शन और संजीवनी देती है।

कवि 'चराग़-ए-जाँ' का उपयोग अविनाशी आत्मा या भीतर की आवश्यक रोशनी को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर अंधकार या निराशा के विपरीत रखा जाता है, जो दृढ़ता और आशा को उजागर करता है।

अंधकार के हृदय में, 'चराग़-ए-जाँ' आशा और दृढ़ता का एक प्रकाशस्तंभ बना रहता है।