Meaning of

चश्म-ए-दुश्मन

chashm-e-dushman • چشم دشمن

बुरी नज़र; ईर्ष्या

evil eye; envy

بری نظر; حسد

Persian

चश्म-ए-दुश्मन का भाव एक ईर्ष्यालु दृष्टि की अशुभ उपस्थिति को दर्शाता है। मूल रूप में यह उस दुर्भावनापूर्ण नज़र की ओर इशारा करता है जो दुर्भाग्य ला सकती है। कविता ने इस अवधारणा को अपनाया है, इसे एक रूपक के रूप में विस्तारित किया है जो सद्भाव और शांति को बाधित करने वाली अदृश्य शक्तियों का प्रतीक है।

'चश्म-ए-दुश्मन' का उपयोग कवि अक्सर छिपे हुए खतरों या खुशी की नाजुकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह छाया में छिपी ईर्ष्या की याद दिलाता है। यह वाक्यांश सुरक्षा और आशीर्वाद के शब्दों के साथ भी विपरीत हो सकता है, जो असुरक्षा और सुरक्षा के बीच के नाजुक संतुलन को उजागर करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'चश्म-ए-दुश्मन' हृदय की अदृश्य लड़ाइयों का प्रमाण है। यह हमें प्रकाश और छाया के बीच के नाजुक नृत्य की याद दिलाता है।