Meaning of

चश्म-ए-गुहर

chashm-e-guhar • چشم گوہر

रत्न की आँख; कीमतीपन का स्रोत

eye of the jewel; source of preciousness

گوہر کی آنکھ; قیمتی ہونے کا منبع

Persian

मूल रूप में, 'चश्म-ए-गुहर' एक ऐसी आँख की छवि प्रस्तुत करता है जो किसी कीमती चीज़ को देखती या समेटे होती है, जैसे कोई रत्न। कविता में, यह अक्सर सुंदरता या ज्ञान का स्रोत दर्शाता है, कुछ ऐसा जो दुर्लभ और अत्यधिक मूल्यवान हो।

'चश्म-ए-गुहर' का उपयोग कवि उन आँखों के लिए करते हैं जो गहरे रहस्य या भावनाएँ समेटे होती हैं। यह प्रिय के दृष्टिकोण को भी संदर्भित कर सकता है, जो रत्नों की तरह कीमती होता है। यह शब्द अक्सर साधारण या सतही दृष्टिकोण के विपरीत होता है।

कविता के क्षेत्र में, 'चश्म-ए-गुहर' गहराई और प्रियता का रूपक बन जाता है। यह पाठक को सतह के परे देखने के लिए आमंत्रित करता है।