Meaning of

दरज़

darz • درز

सिलाई; दरार; अंतराल

seam; crack; gap

سلائی; دراڑ; خلا

Persian

ये ख़राबी ही मुझे अच्छा बनाती है कि हर बार
मैं बुराई को बुराई का ही जो देता हूँ दर्ज़ा

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हमें उस की मोहब्बत ने किया बर्बाद
जिसे दर्ज़ा ख़ुदा का हम दे बैठे थे

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दिन ब दिन पहले से भी और खिल के आई हो
सच बताना आज फिर किस से मिल के आई हो

दर्जी वाले चौक पर तो कल से है बंदिश लगी
अब न कहना तुम वहाँ से कपड़े सिल के आई हो

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ज़माने भर के सब तैराक डूबे है किनारों पर
ये दरिया ए मुहब्बत है लिया है जाँ इशारों पर

तुम्हारे इश्क़ में इस दर्ज़ा मैं पागल हुआ हूँ की
तुम्हारा नाम लिख डाला है घर के हर दीवारों पर

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ये ख़राबी ही मुझे अच्छा बनाती है कि हर बार
मैं बुराई को बुराई का ही जो देता हूँ दर्ज़ा

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हमें उस की मोहब्बत ने किया बर्बाद
जिसे दर्ज़ा ख़ुदा का हम दे बैठे थे

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'दरज़' का मूल अर्थ सिलाई या दरार है, जो एक भौतिक विभाजन को दर्शाता है। कविता में, यह भावनात्मक या संबंधी दरारों का प्रतीक है, लोगों के बीच या स्वयं के भीतर के अदृश्य स्थानों को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'दरज़' का उपयोग अलगाव और लालसा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह दूरी के दर्द और जुड़ाव की लालसा को जागृत करता है।

'दरज़' उन स्थानों की बात करता है जो हमें विभाजित करते हैं, फिर भी मरम्मत और एकता की आशा को भी जगाता है।