Meaning of

ढाढस

dhaadhas • ڈھارس

सांत्वना; हिम्मत

consolation; encouragement

تسلی; حوصلہ

Sanskrit

कभी तुम सेे थी नाराज़ी कभी तुम सेे शिकायत थी
ज़माना वो भी गुज़रा जब हमें तुम सेे मोहब्बत थी

बँधाता रह गया ढाढस दिया जो रातभर जलकर
कहा सबने हुई जब सुब्ह उसे जलने की आदत थी

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अपने हाथों को बना पतवार जाते
राम का ले नाम दरिया पार जाते

हम ने झूठी जीत से ढाढस बढ़ाया
मान लेते हार तो फिर हार जाते

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कभी तुम सेे थी नाराज़ी कभी तुम सेे शिकायत थी
ज़माना वो भी गुज़रा जब हमें तुम सेे मोहब्बत थी

बँधाता रह गया ढाढस दिया जो रातभर जलकर
कहा सबने हुई जब सुब्ह उसे जलने की आदत थी

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अपने हाथों को बना पतवार जाते
राम का ले नाम दरिया पार जाते

हम ने झूठी जीत से ढाढस बढ़ाया
मान लेते हार तो फिर हार जाते

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अपने मूल में, 'ढाढस' एक सुकून भरी झप्पी की गर्माहट और निराशा के समय में आशा की कोमल फुसफुसाहट को समेटे हुए है। कविता ने इस शब्द को केवल सांत्वना देने के कार्य के रूप में नहीं, बल्कि उस समर्थन की गहरी भावनात्मक शक्ति के रूप में विस्तारित किया है।

कवि अक्सर 'ढाढस' का उपयोग एक दृढ़ मित्र या प्रेमी के अटल समर्थन की छवि को उभारने के लिए करते हैं। यह एकांत के विपरीत है, साझा बोझ की सुंदरता को उजागर करता है।

ढाढस एकता और सहानुभूति में पाई जाने वाली शक्ति की कोमल याद दिलाता है।