Meaning of

दिल-ए-बेक़रार

dil-e-beqaraar • دل بے قرار

बेचैन दिल; तड़पता दिल

restless heart; yearning heart

بے چین دل; تڑپتا دل

Persian

दिल बे-क़रार सा है कोई क़रार मिलता
ऐ काश मुझ को मेरे हिस्से का प्यार मिलता

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इक सिलसिला तवील रहा इंतिज़ार का
अब हाल क्या सुनाएँ दिल-ए- बेक़रार का

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तुम्हारी एक झलक के लिए दिल बे-क़रार रहेगा
कभी पटना आओ मुझे तुम्हारा इंतिज़ार रहेगा

अगर कभी थक जाओ मोहब्बत से तो बता देना
हमारी मोहब्बत में भी छुट्टी वाला इतवार रहेगा

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हलचल मची हुई थी दिल-ए-बेक़रार में
सिगरेट पी रहा था तेरे इंतिज़ार में

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है दिल-ए-बे-क़रार मुद्दत से
कर रहे इंतिज़ार मुद्दत से

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दिल का मैं समझा था क़रार जिसे
वो दिल-ए-बेक़रार ले डूबा

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मैं अपने आप को रोकूँ तो किस तरह रोकूँ
ग़म-ए-हुसैन में दिल बे-क़रार रहता है

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अच्छा किया जो छोड़ दिया साथ हमारा
कब तक सॅंभालते ये दिल-ए-बेक़रार को

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दिल बे-क़रार सा है कोई क़रार मिलता
ऐ काश मुझ को मेरे हिस्से का प्यार मिलता

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इक सिलसिला तवील रहा इंतिज़ार का
अब हाल क्या सुनाएँ दिल-ए- बेक़रार का

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दिल-ए-बेक़रार एक ऐसे दिल की छवि प्रस्तुत करता है जो बेचैनी में है, हमेशा अपनी पहुँच से परे कुछ खोजता रहता है। कविता में, यह बेचैनी अक्सर अधूरी इच्छाओं या प्रिय के लिए तड़प का प्रतीक होती है। दिल की यह उथल-पुथल दर्द का स्रोत भी है और गहरे आत्मनिरीक्षण का प्रेरक भी।

कवि अक्सर 'दिल-ए-बेक़रार' का उपयोग तड़प की तीव्रता या भावनात्मक उथल-पुथल की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेम, शांति, या अर्थ की निरंतर खोज का प्रतीक हो सकता है। यह संतोष या पूर्णता की स्थितियों के विपरीत होता है, एक यात्रा को दर्शाता है न कि गंतव्य को।

कविता की दुनिया में, 'दिल-ए-बेक़रार' एक निरंतर गति में दिल के सार को पकड़ता है, मानव स्थिति की एक मार्मिक याद दिलाता है।