Meaning of

दिल-ए-हक़

dil-e-haq • دل حق

सत्य का दिल; ईमानदारी का सार

heart of truth; essence of sincerity

دل حق; اخلاص کا جوہر

Arabic

बदल वो गुनाहों का पाएगा अपने
जो करता नहीं है नदामत कभी भी

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दिल वो है कि फ़रियाद से लबरेज़ है हर वक़्त
हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते

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दिल वो नगर नहीं कि फिर आबाद हो सके
पछताओगे सुनो हो ये बस्ती उजाड़ कर

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बयान करना है मुश्किल वो इतने नाज़ुक हैं
कि जैसे होता है इक दिल वो इतने नाज़ुक हैं

सँभाल पाते नहीं उस का बोझ भी अक्सर
जो ले के आएँ हैं इक तिल वो इतने नाज़ुक हैं

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मसनद-ओ-ताज या अक़दार का मोहताज नहीं
दिल वो हाकिम है जो दरबार का मोहताज नहीं

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हक़ीक़त की भी अब इस दौर में कोई हक़ीक़त-बीं नहीं होती
सुनो हम-दिल हक़ीक़त से है सीखा फ़लसफ़ा हम ने हक़ीक़त का

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ज़िंदगी इक ख़ूब-सूरत हादिसा है
शक्ल मिट्टी की घड़ी बहती हवा है

आँसुओं से तुम सदा दो आएगा वो
हाल-ए-दिल वो जानता है वो ख़ुदा है

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तसव्वुर को हक़ीक़त कर रहा हूँ
तुम्हें अपनी मुहब्बत कर रहा हूँ

तिरा दिल वो अदालत है कि जिस
में
वफ़ा की मैं वकालत कर रहा हूँ

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हम हैं के इश्क़ का इज़हार किए जाते हैं
और इक वो हैं के इनकार किए जाते हैं

तोड़कर दिल वो शजर आज हमारा देखो
ख़ाना-ए-काबा को मिस्मार किए जाते हैं

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जब से देखा उन्हें दिल में दिल खो गए
पहले दिल वो हुए फिर वो जाँ हो गए

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बदल वो गुनाहों का पाएगा अपने
जो करता नहीं है नदामत कभी भी

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दिल वो है कि फ़रियाद से लबरेज़ है हर वक़्त
हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते

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'दिल-ए-हक़' वाक्यांश उस पवित्रता और ईमानदारी को दर्शाता है जो सत्य के केंद्र में निवास करती है। कविता में, यह अक्सर ईमानदारी और अखंडता के प्रति अडिग प्रतिबद्धता का प्रतीक होता है।

कवि 'दिल-ए-हक़' का उपयोग सत्यता में पाई जाने वाली गहरी शक्ति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दुनिया की धोखाधड़ी और झूठ के विपरीत है।

'दिल-ए-हक़' में, हृदय अपनी सच्ची अभिव्यक्ति अडिग ईमानदारी में पाता है।