Meaning of

फ़ैज़-ए-जुनून-ए-शौक़

faiz-e-junoon-e-shauq • فیض جنون شوق

उत्सुक लालसा का आशीर्वाद; प्रबल इच्छा की कृपा

blessing of passionate longing; grace of fervent desire

جنون شوق کی برکت; شدید خواہش کا فضل

Persian

फ़ैज़-ए-जुनून-ए-शौक़ गहरी, प्रबल लालसा से आने वाले तीव्र आशीर्वाद को पकड़ता है। कविता में, यह विचार को दर्शाता है कि ऐसी प्रबल इच्छाएँ, यद्यपि उपभोग करने वाली होती हैं, एक अनोखी कृपा और संतोष लाती हैं।

कवि फ़ैज़-ए-जुनून-ए-शौक़ का उपयोग इच्छा की द्वैत प्रकृति - इसकी उपभोग करने वाली आग और इसकी समृद्ध कृपा की खोज के लिए करते हैं। यह उन पंक्तियों में आता है जो लालसा की सुंदरता और पीड़ा का जश्न मनाती हैं, जहाँ इच्छा एक साथ यातना और आशीर्वाद होती है।

फ़ैज़-ए-जुनून-ए-शौक़ इच्छा के विरोधाभास को प्रकट करता है, एक शक्ति जो उपभोग भी करती है और ऊँचा भी उठाती है।