Meaning of

फ़लक़

falq • فلک

आकाश; स्वर्ग; गगन

sky; heavens; firmament

آسمان; جنت; فلک

Arabic

इस एक फ़िक्र ने हैरान कर दिया है मुझे
फ़लक पे चाँद तो आया है तुम नहीं आए

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फ़लक इतना सूना है क्यूँ
ज़मीं पर तो सब मेरे थे

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तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक
मुझ को अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी

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पहले सर की ये शिकायत थी फ़लक ऊँचा है
अब मिरे पाँव ये कहते हैं कि धरती है कहाँ

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देख तो दिल कि जाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ से उठता है

गोर किस दिल-जले की है ये फ़लक
शो'ला इक सुब्ह यां से उठता है

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सभी हैरत करेंगे जब नई पहचान लिख देंगे
फ़लक पर भी हुनर से अपने हिंदुस्तान लिख देंगे

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मत सहल हमें जानो फिरता है फ़लक बरसों
तब ख़ाक के पर्दे से इंसान निकलते हैं

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उतर आजा फ़लक से अब ज़मीं पे
सदा कोई न आएगी कहीं से

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उड़ना है अब ग़ज़ल के फ़लक पर मुझे.
मैं परिंदा हूँ आजाद से ख़याल का

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कोई तो कह रहा था चाँद सा चेहरा है तेरा फिर
फ़लक के सब सितारे तुझ को मिल कर देखते होंगे

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इस एक फ़िक्र ने हैरान कर दिया है मुझे
फ़लक पे चाँद तो आया है तुम नहीं आए

7

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फ़लक इतना सूना है क्यूँ
ज़मीं पर तो सब मेरे थे

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'फ़लक़' का मूल अर्थ आकाश या ऊपर के स्वर्गीय विस्तार से है। कविता में, यह अक्सर अनंत, अप्राप्य या दिव्य का प्रतीक होता है। यह आश्चर्य और ब्रह्मांड के शाश्वत रहस्यों की भावना को जागृत करता है।

कवि 'फ़लक़' का उपयोग ब्रह्मांड की भव्यता को जागृत करने के लिए करते हैं। यह सपनों, आकांक्षाओं या दिव्यता का प्रतीक हो सकता है। मानव भावनाओं के लिए आकाश एक कैनवास के रूप में एक आवर्ती विषय है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'फ़लक़' हमें अपने सपनों और इच्छाओं के असीम विस्तार पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।