Meaning of

फ़राज़

faraaz • فراز

ऊँचाई; शिखर; प्रमुखता

elevation; height; prominence

بلندی; عروج; نمایاں مقام

Persian

उसे 'फ़राज़' अगर दुख न था बिछड़ने का
तो क्यूँँ वो दूर तलक देखता रहा मुझ को

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मुझे कहता है झूठी हैं तेरी बेकार सी बातें फ़राज़
मगर लगता है वो मेरी उन्हीं बातों पे मरता है

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उस की आँखों को कभी ग़ौर से देखा है ‘फ़राज़'
रोने वालों की तरह जागने वालों जैसी

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ज़िंदगी पर इस से बढ़ कर तंज़ क्या होगा 'फ़राज़'
उस का ये कहना कि तू शाएर है दीवाना नहीं

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अभी कुछ और करिश्में ग़ज़ल के देखते हैं
'फ़राज़' अब ज़रा लहजा बदल के देखते हैं

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टूटा तो हूँ मगर अभी बिखरा नहीं 'फ़राज़'
मेरे बदन पे जैसे शिकस्तों का जाल हो

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तुम तकल्लुफ़ को भी इख़्लास समझते हो 'फ़राज़'
दोस्त होता नहीं हर हाथ मिलाने वाला

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सब ख़्वाहिशें पूरी हों 'फ़राज़' ऐसा नहीं है
जैसे कई अश'आर मुकम्मल नहीं होते

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चुप-चाप अपनी आग में जलते रहो 'फ़राज़'
दुनिया तो अर्ज़-ए-हाल से बे-आबरू करे

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लो फिर तिरे लबों पे उसी बे-वफ़ा का ज़िक्र
अहमद-'फ़राज़' तुझ से कहा ना बहुत हुआ

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उसे 'फ़राज़' अगर दुख न था बिछड़ने का
तो क्यूँँ वो दूर तलक देखता रहा मुझ को

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मुझे कहता है झूठी हैं तेरी बेकार सी बातें फ़राज़
मगर लगता है वो मेरी उन्हीं बातों पे मरता है

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'फ़राज़' का मूल अर्थ ऊँचाई या शिखर है, जहाँ धरती आकाश से मिलती है। कविता में यह अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर महत्वाकांक्षा और महानता की खोज का प्रतीक बन जाता है। यह मानव आत्मा की उस लालसा को दर्शाता है जो साधारण से ऊपर उठकर उत्कृष्टता को छूने की चाह रखती है।

'फ़राज़' का उपयोग कवि अक्सर भावनाओं या उपलब्धियों के शिखर को दर्शाने के लिए करते हैं। यह प्रेम की चरम सीमा, दुःख की गहराई, या व्यक्तिगत यात्रा के शिखर का प्रतीक हो सकता है। यह गहराई या अवनति दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत मानव अनुभव की द्वैतता को उजागर करता है।

'फ़राज़' तारों तक पहुँचने की चाह का सार है, जो मानव हृदय की असीम आकांक्षाओं का प्रमाण है।