Meaning of

फ़रेब-ए-मुसलसल

fareb-e-musalsal • فریب مسلسل

लगातार धोखा; अंतहीन छल

continuous deception; unending trickery

مسلسل فریب; نہ ختم ہونے والا دھوکہ

Persian

यह वाक्यांश निरंतर धोखे की एक तस्वीर प्रस्तुत करता है, झूठ का एक जाल जो अनजान को फंसा लेता है। कविता में, यह अक्सर मानव स्वभाव के अंधेरे पहलुओं और उन भ्रांतियों को दर्शाता है जो वास्तविकता को धुंधला कर देती हैं।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग विश्वासघात और मोहभंग के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह जीवन की जटिलताओं और अनिश्चितताओं के लिए एक रूपक के रूप में भी काम कर सकता है।

फ़रेब-ए-मुसलसल मानव संबंधों की सतह के नीचे छिपे सायों की याद दिलाता है।