Meaning of

फ़रेब-ए-निगह-ए-यार

fareb-e-nigah-e-yaar • فریب نگہ یار

प्रिय की दृष्टि का छल; प्रेमिका की आँखों का भ्रम

deception of the beloved's gaze; illusion of lover's eyes

محبوب کی نظر کا فریب; عاشق کی آنکھوں کا دھوکہ

Persian

यह वाक्यांश प्रेम में धारणा और वास्तविकता की द्वैतता को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर दिखावे की मोहक लेकिन भ्रामक प्रकृति का पता लगाता है।

कवि इसका उपयोग विश्वास और भ्रम के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव का संकेत दे सकता है, जहाँ सुंदरता और विश्वासघात सह-अस्तित्व में होते हैं।

प्रिय की आँखों में, कवि स्पष्टता और भ्रम दोनों पाते हैं।