Meaning of
फ़र्त-ए-शौक़
fart-e-shauq • فرت شوق
Hindi
अत्यधिक चाह; तीव्र अभिलाषा
English
excess of longing; overwhelming desire
Urdu
شدید خواہش; بے پناہ شوق
Origin
Persian
Nuance
‘फ़र्त-ए-शौक़’ एक ऐसी भावना को व्यक्त करता है जो साधारण चाह से कहीं अधिक होती है। यह एक अत्यधिक भावना है जो हृदय और मस्तिष्क को व्याकुल कर देती है, अक्सर व्यक्ति को बेचैन और तरसता हुआ छोड़ देती है। कविता में, यह शब्द उन भावनाओं की तीव्रता को पकड़ता है जो सुंदर और दर्दनाक दोनों होती हैं।
Poetic Usage
कवि ‘फ़र्त-ए-शौक़’ का उपयोग अधूरी इच्छाओं की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, वियोग और पुनर्मिलन की लालसा के बारे में छंदों में प्रकट होता है। यह शब्द साधारण चाह से विपरीत होता है, एक गहन भावनात्मक संघर्ष को उजागर करता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, ‘फ़र्त-ए-शौक़’ चाह की मधुर-दर्द भरी प्रकृति को समेटे हुए है। यह गहरे भावनाओं के लिए मानव हृदय की क्षमता का प्रमाण है।