Meaning of
फ़ज़ूल
fazool • فضول
Hindi
बेकार; अनावश्यक; तुच्छ
English
useless; unnecessary; trivial
Urdu
بیکار; غیر ضروری; معمولی
Origin
Arabic
Ash'aar
Nuance
'फ़ज़ूल' मूल रूप से किसी ऐसी चीज़ का भाव देता है जो आवश्यकताओं से अधिक हो, जिसका कोई मूल्य या उद्देश्य न हो। कविता में, यह अक्सर अस्तित्वगत प्रश्नों की भावना को उजागर करता है, जहाँ जीवन के गहरे अर्थों के सामने कुछ प्रयासों या भावनाओं की तुच्छता को रेखांकित किया जाता है।
Poetic Usage
कवि 'फ़ज़ूल' का उपयोग भौतिक प्रयासों के मूल्य पर प्रश्न उठाने के लिए करते हैं। यह उन शब्दों के विपरीत है जो मूल्य या महत्व को दर्शाते हैं, जिससे यह चर्चा होती है कि वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'फ़ज़ूल' जीवन की क्षणिक तुच्छताओं की एक कोमल याद दिलाता है।
