Meaning of
फ़िक्र-ए-दुनिया-ओ-आक़िबत
fikr-e-duniya-o-aqibat • فکر دنیا و عاقبت
Hindi
दुनिया और आख़िरत की चिंता
English
concern for the world and the hereafter
Urdu
دنیا و عاقبت کی فکر
Origin
Arabic
Nuance
'फ़िक्र-ए-दुनिया-ओ-आक़िबत' वाक्यांश सांसारिक जीवन और परलोक की दोहरी चिंताओं को दर्शाता है। यह भौतिक लक्ष्यों और आध्यात्मिक कर्तव्यों के बीच संतुलन बनाने की मानव स्थिति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर अस्थायी इच्छाओं और शाश्वत सत्यों के बीच के तनाव का अन्वेषण करता है।
Poetic Usage
कवि 'फ़िक्र-ए-दुनिया-ओ-आक़िबत' का उपयोग अस्तित्व की दार्शनिक दुविधाओं में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह प्राथमिकताओं पर सवाल उठाने, जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति पर विचार करने और सांसारिक और दिव्य के बीच सामंजस्य खोजने का एक साधन है।
Closing Insight
कविता में, 'फ़िक्र-ए-दुनिया-ओ-आक़िबत' जीवन के क्षणिक और शाश्वत पहलुओं के संतुलन पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।