Meaning of

फ़ुग़ाँ-ए-तिश्ना-लब

fughaan-e-tishna-lab • فغاں تشنہ لب

प्यासे होंठों की पुकार; सूखे होंठों की विलाप

cry of the thirsty lips; lament of parched lips

پیاسے ہونٹوں کی پکار; خشک ہونٹوں کی فریاد

Persian

यह वाक्यांश अधूरी इच्छाओं की निराशा और लालसा को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर अधूरी प्रेम या तड़प का प्रतीक होता है, जहाँ प्यास केवल शारीरिक नहीं बल्कि गहरी भावनात्मक होती है।

कवि इसे गहरी लालसा और अधूरी इच्छाओं को व्यक्त करने के लिए उपयोग करते हैं। यह अलगाव के दर्द या एकतरफा प्रेम की पीड़ा को भी व्यक्त कर सकता है।

फ़ुग़ाँ-ए-तिश्ना-लब दिल की गहरी प्यासों की मौन पुकार को प्रतिध्वनित करता है।