Meaning of

गर्दिश-ए-लैल-ओ-नहार

gardish-e-lail-o-nahaar • گردش لیل و نہار

दिन और रात का चक्र; समय का प्रवाह

cycle of day and night; passage of time

دن اور رات کا چکر; وقت کا بہاؤ

Persian

यह वाक्यांश समय के निरंतर और अनिवार्य प्रवाह को दर्शाता है, दिन और रात के अनवरत घूर्णन को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर जीवन की क्षणभंगुरता और परिवर्तन की अनिवार्यता का प्रतीक होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अस्तित्व की क्षणभंगुरता पर विचार करने के लिए करते हैं। यह बीतते क्षणों की उदासी या प्रत्येक सुबह के साथ नवीकरण की आशा व्यक्त कर सकता है।

अपने चक्रीय आलिंगन में, यह वाक्यांश जीवन की क्षणभंगुरता के दुख और सुंदरता दोनों को पकड़ता है।