Meaning of

ग़ाफ़िल

ghaafil • غافل

लापरवाह; बेखबर; अनजान

negligent; heedless; unaware

لاپرواہ; بے خبر; ناواقف

Arabic

अब एक पल का तग़ाफ़ुल भी सह नहीं सकते
हम अहल-ए-दिल कभी आदी थे इंतिज़ार के भी

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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ

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फ़िक्र-ए-ईजाद में गुम हूँ मुझे ग़ाफ़िल न समझ
अपने अंदाज़ पर ईजाद करूँँगा तुझ को

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इक तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल है सो वो उन को मुबारक
इक अर्ज़-ए-तमन्ना है सो हम करते रहेंगे

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अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत
बिछड़ने वाले में सब कुछ था बे-वफ़ाई न थी

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गो मैं रहा रहीन-ए-सितम-हा-ए-रोज़गार
लेकिन तिरे ख़याल से ग़ाफ़िल नहीं रहा

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आप के तग़ाफ़ुल का सिलसिला पुराना है
उस तरफ़ निगाहें हैं इस तरफ़ निशाना है

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किस मुँह से करें उन के तग़ाफ़ुल की शिकायत
ख़ुद हम को मोहब्बत का सबक़ याद नहीं है

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कभी यक-ब-यक तवज्जोह कभी दफ़अ'तन तग़ाफ़ुल
मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर

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रखते हैं मोहब्बत को तग़ाफ़ुल में छुपा कर
पर्वा ही तो करते हैं जो पर्वा नहीं करते

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अब एक पल का तग़ाफ़ुल भी सह नहीं सकते
हम अहल-ए-दिल कभी आदी थे इंतिज़ार के भी

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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ
ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ

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'ग़ाफ़िल' शब्द लापरवाही और बेखबरी की भावना को व्यक्त करता है। यह अक्सर अपने ही संसार में खोए होने की स्थिति को दर्शाता है, परिवेश से अनजान। कविता में, यह एक ऐसे चरित्र को चित्रित कर सकता है जो वास्तविकता से अलग है, सपनों या अज्ञानता में खोया हुआ।

कवि 'ग़ाफ़िल' का उपयोग स्वप्निल अलगाव की भावना को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह एक प्रेमी को दर्शा सकता है जो विचारों में खोया हुआ है, दुनिया की कठोर वास्तविकताओं से अनजान।

'ग़ाफ़िल' अपनी काव्यात्मक प्रतिध्वनि में सपनों और वास्तविकता के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, विस्मृति में सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है।